Shiv Mantra | शिव मंत्र : महिमा, तपस्या और साधना

Shiv mantra का हमारे हिन्दू धर्म बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। इस मंत्र जा जाप भगवान शिव की भक्ति और उपासना के लिए प्रयोग किया जाता है। शिव जी के मंत्र लोगो में बहुत लोकप्रिय है और भक्तो द्वारा सभी धार्मिक स्थानों पर सुने जा सकते है। इस मंत्र के जाप से साधको के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

ये मंत्र सबसे सरल और प्रभावशाली होते हैं। इन मंत्रों में शिव की महिमा, तपस्या, साधना और शक्तियों का वर्णन किया गया है। विशेष रूप से सोमवार, सावन माह और महाशिवरात्रि पर इस मंत्र का जाप लाभकारी माना जाता हैं। अगर आप भी इस मंत्र का जाप करना चाहते है तो, हमने आपके लिए शिव मंत्र को नीचे उपलब्ध कराया है।

मंत्र

ॐ शिवाय नम: 
ॐ सर्वात्मने नम:
ॐ त्रिनेत्राय नम:
ॐ हराय नम:
ॐ इन्द्रमुखाय नम:
ॐ श्रीकंठाय नम: 
ॐ वामदेवाय नम: 
ॐ तत्पुरुषाय नम: 
ॐ ईशानाय नम: 
ॐ अनंतधर्माय नम:
ॐ ज्ञानभूताय नम: 
ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:
ॐ प्रधानाय नम: 
ॐ व्योमात्मने नम: 
ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:

शिव जी के अन्य मंत्र भी है जो आपके लिए लाभदायक हो सकते है – Shiv beej mantra, Shiv namaskar mantra, Shiv shabar mantra इत्यादि।

Shiv Mantra जाप करने की विधि 

  1. स्नान: इस मंत्र का जाप करने से पहले सुबह जल्दी उठकर अच्छे से स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। यह पूजा की पवित्रता और शुद्धता के लिए आवश्यक है।
  2. स्थान: एक शांत और पवित्र स्थान का चयन करें जहाँ आप बिना किसी बाधा के जप को ध्यानपूर्वक कर सके।
  3. मूर्ति स्थापना: पूजा स्थल पर भगवान शिव की मूर्ति या चित्र को विधिपूर्वक स्थापित करे और उनका अभिवादन करें।
  4. दीप जलाएं: पूजा स्थल पर दीप और धूप जलाएं। इससे वातावरण शुद्ध होता और पूजा के लिए एक शुद्ध वातावरण मिलता है। 
  5. सामग्री: यदि आपके पास जप माला (रुद्राक्ष या अन्य) है, तो उसे तैयार रखें। माला का उपयोग मंत्र जाप के दौरान किया जाता है।
  6. मंत्र जाप: चयनित मंत्र का जप माला पर 108 बार करें। प्रत्येक मोती पर एक बार मंत्र का उच्चारण करें। मंत्र का जाप ध्यान और श्रद्धा के साथ करें।
  7. ध्यान: मंत्र जाप के बाद भगवान शिव के प्रति ध्यान करें और उनसे आशीर्वाद और शांति की प्रार्थना करें।
  8. प्रसाद चढ़ाएं: पूजा के अंत में भगवान शिव को फूल और प्रसाद चढ़ाएं। प्रसाद को घर के सभी लोगो में वितरित करें।
  9. समापन: पूजा के बाद भगवान शिव का धन्यवाद करें और पूजा स्थल को साफ करें। ध्यान रखें कि पूजा पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ की जाए।

इन चरणों का पालन करके मंत्र जाप को सही ढंग से किया जा सकता है, जिससे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में शांति और समृद्धि आती है।

मंत्र का जाप करने से होने वाले लाभ 

  • मानसिक शांति: मंत्र जाप से मानसिक तनाव कम होता है और शांति की प्राप्ति होती है, जिससे जीवन में सुख और संतोष बढ़ता है।
  • कृपा दृष्टि: इस मंत्र का जाप करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जो जीवन की कठिनाइयों और समस्याओं को दूर करती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति: नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करने से आत्मिक उन्नति होती है और व्यक्ति की आध्यात्मिक समझ बढ़ती है।
  • नकारात्मक ऊर्जा: मंत्र जाप से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।
  • स्वास्थ्य: नियमित मंत्र जाप से शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है और रोगों से मुक्ति मिलती है। यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को संतुलित करता है।
  • सुख-समृद्धि: मंत्र जाप से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
  • परिवार में शांति: मंत्र जाप से परिवार में शांति और प्रेम बना रहता है, जिससे पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं।
  • आत्मविश्वास: नियमित जाप से आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति की मानसिक स्थिति मजबूत होती है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनता है।

मंत्र जाप के ये लाभ भक्तों के जीवन को सकारात्मक दिशा में बदलते हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

FAQ

मंत्र जाप के लिए क्या किसी विशेष गुरु की आवश्यकता है?

क्या मंत्र जाप के लिए किसी विशेष माला का उपयोग करना चाहिए?

शिव जी का शक्तिशाली मंत्र कौन सा है?

ॐ नमः शिवाय शिव जी का अत्यंत शक्तिशाली मंत्र माना जाता है।

शिव मंत्रों के जाप के लिए उपयुक्त समय कौन सा है

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